उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर जीरों टोलरेंस की नीति जिसके चलते जहाँ एक और भ्रष्टाचार के अनेको मामलों में अधिकारियों व कर्मचारियों को जेल भेजा गया है यह प्रक्रिया लगातार जारी है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं को भ्रष्टाचार और नकल से मुक्त करने का जो संकल्प लिया गया उसके परिणामस्वरूप जहाँ प्रदेश में कड़ा नकल विरोधी कानून परित किया गया जिसके आधार पर केन्द्र सरकार ने भी इस दिशा में कार्यवाही की वहीं दूसरी और जनता को भ्रष्टाचार की शिकायत करने का अधिकार देने के लिए 1064 ऐप जारी किया गया है जिसमें दी गई सूचनाओं को गोपनीय रखा जाता है।
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